भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,07,615 हो गई है, जिनमें से 1,01,497 सक्रिय मामले हैं। देशभर में 1,00,303 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक 5,815 लोगों की मौत हो चुकी है
24 घंटे में बंगाल में रिकॉर्ड 396 मामले, 10 की मौत
पश्चिम बंगाल में बीते चौबीस घंटे के दौरान 396 नए मरीज सामने आए हैं जो अब तक का रिकॉर्ड है। इससे पहले 31 मई को सबसे ज्यादा 371 मामले सामने आए थे। इस दौरान दस लोगों की मौत के साथ ही मृतकों का आंकड़ा 263 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गई है।
कोरोना से बचने के लिए यह उपाय करना अनिवार्य
कोरोना वायरस से बचने के लिए बार-बार मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन एक रिपोर्ट का दावा है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए ये काफी नहीं है। यह रिपोर्ट 16 देशों की 170 स्टडीज के डाटा पर आधारित है। स्टडी के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना वायरस के खतरे को तीन फीसदी तक कम करती है, जहां एक मीटर की दूरी वायरस के प्रसार को 2.6 फीसदी तक कम कर सकती हैं, वहीं दो मीटर की दूरी इंफेक्शन के खतरे 50 फीसदी तक कम कर सकती है। स्टडी में कहा गया है कि मास्क पहनने से कोविड-19 का खतरा तीन फीसदी, जबकि आंखों की सुरक्षा करने पर यह 5.5 फीसदी तक कम हो जाता है। हालांकि स्टडी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चेहरे को ढंकने और सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस फैलने की गति धीमी हो जाती है। वहीं स्टडी में चेतावनी दी गई है कि फेस मास्क, गॉगल्स और सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से सुरक्षा नहीं करते हैं। स्टडी के लेखक ने हैल्थकेयर वर्कर्स को ज्यादा सुरक्षा के लिए सर्जिकल मास्क की जगह रेस्पिरेटर्स पहनने का सुझाव दिया है। दुनिया भर में कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग सहित कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। फ्रांस, चीन और हांगकांग में, एक मीटर दूरी के नियम के साथ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर खोल दिए गए हैं, वहीं फ्रांस में फेस मास्क को सख्त रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।

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